कहते हैं संतो को राजनीति में नहीं पड़ना चाहिए
पर
{ संस्कार विधि एक ग्रन्थ है संस्कार विधि , राज्याभिषेक पढ़ रहा था तो उसमें आया कि अभिषेक विधि के अन्तिम में आचार्य उसे एक दण्ड दोते हुए कहते हैं,
हे राजन!
आज से आप इस राज्य के लिए , भगवान का स्वरूप हैं . जिसे चाहे दण्ड दें या पुरुस्कार |
इसके बाद
आचार्य राजा के सिर पर मोरपंख मारेंगे और कहेंगे "धर्मदण्डोसि"
राजन् !
आप सबके ऊपर हैं पर आपको भी दण्ड देने वाला है
" धर्म }.
जब जिस राज्य में ऐसे विधर्मी राजा उत्पन्न हो जाएँ , ..
जो लोक तंत्र की पहली परिभाषा we the people .. को बदल कर who the people's करदें
जब वोट मांगने आये तो बोलते हैं कि हम जनता के नौकर हैं अगर हमारा ही नौकर हम पर अत्याचार करने लगे
तो हर सदी के आचार्यों का धर्म है कि चाणक्य बनकर ऐसे अधर्मियों को जड़ से उखाड़ फेंके....
देश के सुरक्षित और सुंदर भविष्य में योगदान दें
धन्यवाद !

#orignal
#up_election

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